देवघर: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव के लिए पार्टी के लेटरहेड पर उम्मीदवार की घोषणा करने के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयुक्त से औपचारिक शिकायत की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि झामुमो ने आदर्श चुनाव आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन किया है, क्योंकि राज्य सरकार ने इन चुनावों को गैर-दलीय (बिना पार्टी सिंबल के) आधार पर कराने की घोषणा की है।
मुख्य विवाद
शिकायत के अनुसार, झामुमो के देवघर जिला अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा ने 20 जनवरी 2026 को रवि कुमार राउत को देवघर नगर निगम के लिए मेयर पद का उम्मीदवार घोषित किया। यह घोषणा पार्टी के आधिकारिक लेटरहेड पर की गई थी, जिस पर झामुमो का चुनाव चिन्ह ‘तीर-धनुष’ अंकित है।
यह कदम राज्य सरकार के उन पिछले बयानों और माननीय उच्च न्यायालय में दायर शपथ पत्र का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है, जिसमें कहा गया था कि ये चुनाव दलीय आधार पर नहीं होंगे।
शिकायत के प्रमुख बिंदु
गैर-दलीय नियमों का उल्लंघन: झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग (JSEC) द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, इन चुनावों में उम्मीदवारों को स्वतंत्र चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने हैं, न कि पार्टी के चिन्ह।
कानूनी अवमानना: शिकायतकर्ता का तर्क है कि जब सरकार ने कोर्ट में यह माना है कि चुनाव दलीय आधार पर नहीं होंगे, तो पार्टी सिंबल का उपयोग करना मतदाताओं को भ्रमित करने और अदालत की अवमानना करने जैसा है।
कठोर कार्यवाही की मांग: याचिका में संजय कुमार शर्मा और उम्मीदवार रवि कुमार राउत के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और चुनाव परिणाम आने तक उन्हें राज्य से बाहर रखने की मांग की गई है।
पृष्ठभूमि
झारखंड में नगर निकाय चुनाव 2018 के बाद लंबे अंतराल पर हो रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बार-बार इन चुनावों को दलीय आधार पर कराने की मांग की थी, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया था। वर्तमान में हेमंत सोरेन सरकार के निर्णय के अनुसार, यह चुनाव मतपत्रों (Ballot Papers) के माध्यम से और गैर-दलीय आधार पर संपन्न होने हैं।
अगले कदम
राज्य निर्वाचन आयोग अब शिकायत के साथ संलग्न साक्ष्यों और झामुमो द्वारा जारी पत्र की प्रति की समीक्षा करेगा। स्वतंत्र उम्मीदवारों को चुनाव चिन्हों का आवंटन 7 फरवरी 2026 को होना निर्धारित है।