लापुंग में कांग्रेस का ‘ब्लॉक संवाद कार्यक्रम’: 26 जनवरी को पारंपरिक ग्राम सभा और 400 रुपये मनरेगा मजदूरी का प्रस्ताव होगा पारित
लापुंग: मांडर विधानसभा क्षेत्र के लापुंग कॉलेज मैदान में कांग्रेस द्वारा आयोजित “ब्लॉक संवाद कार्यक्रम” में राजनीतिक हलचल तेज रही। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से मनरेगा संग्राम, पेसा कानून और स्पेशल इंक्वायरी रिपोर्ट (SIR) जैसे गंभीर मुद्दों पर बूथ लेवल एजेंटों (BLA) को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
ग्राम सभा को अधिकार दिलाने पर जोर
राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कार्यक्रम की कमान संभालते हुए कहा कि पेसा (PESA) नियमावली झारखंड की पारंपरिक ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने वाला कानून है। अब गांव के विकास की कोई भी सरकारी योजना ग्राम सभा की सहमति के बिना धरातल पर नहीं उतरेगी।
मनरेगा और पलायन का मुद्दा
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मनरेगा में किए गए बदलावों ने इसकी आत्मा को खत्म कर दिया है, जिससे झारखंड से पलायन की समस्या और बढ़ेगी। कार्यक्रम में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि:
26 जनवरी को प्रदेश भर में पारंपरिक ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इन सभाओं में मनरेगा को पुराने स्वरूप में लागू करने और मजदूरी दर को बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिदिन करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
मतदाता सूची और SIR पर सतर्कता
SIR (Special Inquiry Report) के मुद्दे पर कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर सुभाष नाग, अंजनी रंजन और अमितेश कुमार ने प्रशिक्षित किया। मंत्री ने आगाह किया कि कागजी प्रक्रियाओं की आड़ में किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से कटना नहीं चाहिए। उन्होंने बीजेपी पर “वोट चोरी की साजिश” रचने का आरोप लगाते हुए BLA को गांव-गांव जाकर इन जटिलताओं को दूर करने का निर्देश दिया।
उपस्थिति
इस संवाद कार्यक्रम में लापुंग प्रखंड अध्यक्ष जयंत बारला, सुदामा महली, विश्वनाथ मुंडा, जनमेजय पाठक, संतोष तिर्की, सुरेश साहू, सलीम मियां, सोनी बारला, प्रतिमा देवी, देवती देवी और देवेंद्र वर्मा सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।