रांची में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने वाले आरोपी पुलिस कस्टडी से भागे, मुठभेड़ में पैर में लगी गोली
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रदेश कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से एक आरोपी ने भागने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दोबारा दबोच लिया।
RSS कार्यालय पर हुआ था हमला
बीती 16 जून 2026 की रात को चुटिया निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर अज्ञात अपराधियों द्वारा पेट्रोल बम फेंका गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने नगर पुलिस अधीक्षक और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के संयुक्त नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम (SIT) का गठन किया था। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सहयोग की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की।
कोडरमा स्टेशन से हुई गिरफ्तारी
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी दूसरे राज्य भागने की फिराक में थे। एसआईटी ने बोकारो और कोडरमा पुलिस के सहयोग से गझण्डी रेलवे स्टेशन (कोडरमा) के पास से मुख्य आरोपी सैफ अंसारी और अमन अंसारी उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया । इनकी निशानदेही पर रांची से तीसरे आरोपी सायम सुजान को भी दबोचा गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना के समय पहने कपड़े, एक रैपिडो कैब (सेंट्रो कार) और 4 स्मार्टफोन बरामद किए हैं।
टॉयलेट के बहाने भागा, पुलिस मुठभेड़ में घायल
गिरफ्तारी के बाद आज 18 जून 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे आरोपी सैफ अली ने कोतवाली थाना परिसर में शौचालय जाने की बात कही। वहां तैनात सुरक्षाकर्मी को चकमा देकर वह वेंटिलेशन की ग्रिल और शीशा तोड़कर फरार हो गया। भागने की सूचना मिलते ही पूरे जिले में अलर्ट जारी किया गया।
मांडर थाना पुलिस ने चामा मोड़ के पास चेकिंग के दौरान उसे फिर से घेरा, तो आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर दोबारा भागने की कोशिश की। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ सीमित कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें सैफ के पैर में गोली लगी (p. 1)। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
अंतरराष्ट्रीय गिरोह की आशंका
शुरुआती पूछताछ में पुलिस ने इन अपराधियों के किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह (Module) से जुड़े होने की आशंका को खारिज नहीं किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रांची एसएसपी के अनुरोध पर इस कांड की आगे की जांच अब आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) झारखंड को सौंप दी गई है।