जौनपुर में सीएचओ को मिला मलेरिया व वेक्टर जनित रोगों के जांच-उपचार का प्रशिक्षण, 21 ब्लॉकों का प्रशिक्षण पूरा
विक्रम सिंह
जौनपुर: जनपद में अब ग्राम और क्षेत्रीय स्तर पर भी मलेरिया व अन्य वेक्टर जनित रोगों की जांच, उपचार और प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। * मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० प्रभात कुमार और वेक्टर बॉर्न डिजीज (वीबीडी) के नोडल अधिकारी डॉ०बी.सी. पंत* के निर्देशन में सहयोगी संस्था गोदरेज तथा पाथ सीएचआरआई के सहयोग से 9 से 13 मार्च 2026 तक आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का छठवां और अंतिम बैच शुक्रवार को संपन्न हो गया।
इस प्रशिक्षण में ब्लॉक सिरकोनी, जलालपुर, मड़ियाहूं और रामपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने भाग लिया। इसके साथ ही जनपद के सभी 21 ब्लॉकों के सीएचओ का प्रशिक्षण पूर्ण हो गया।
प्रशिक्षण के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव* ने मलेरिया, डेंगू और फाइलेरिया जैसे वेक्टर जनित रोगों के कारण, लक्षण, बचाव तथा जांच-उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं * गोदरेज फंडेड पाथ सीएचआरआई संस्था की रीजनल कॉर्डिनेटर डॉ० ओजस्विनी त्रिवेदी ने पीपीटी के माध्यम से मलेरिया ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल पर प्रशिक्षण दिया और प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
सहायक मलेरिया अधिकारी संजीव कुमार मिश्रा ने आईएचआईपी पोर्टल पर मलेरिया रिपोर्टिंग की प्रक्रिया बताई, जबकि * वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने मलेरिया जांच की तकनीकी जानकारी दी। प्रशिक्षण से पहले प्री-टेस्ट और समापन के बाद पोस्ट-टेस्ट भी कराया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद में वर्ष 2023 में मलेरिया के 9, वर्ष 2024 में 4 और वर्ष 2025 में 14 मामले सामने आए थे, जबकि 2026 में अब तक 4 मामले रिपोर्ट हुए हैं। मलेरिया मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जो अधिकतर रुके हुए पानी और गंदे वातावरण में पनपता है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मलेरिया में ठंड लगना, कंपकंपी के साथ बुखार आना, उल्टी-मितली, भूख न लगना, खून की कमी, कमजोरी और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। समय पर जांच और उपचार न कराने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
मलेरिया की जांच और उपचार के लिए जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर टेस्ट किट और आवश्यक दवाएं जैसे क्लोरोक्वीन व प्राइमाक्वीन उपलब्ध हैं। वर्ष 2026 में अब तक जनपद में 56,254 जांच की जा चुकी हैं, जबकि वर्ष 2025 में 3,84,519 जांच कराई गई थीं।
जिला मलेरिया अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि घर के आसपास साफ-सफाई रखें, जल जमाव न होने दें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं और स्वयं दवा लेने से बचे.