रांची: झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कड़ा प्रहार करते हुए उनके प्रस्तावित नए आवास को “शीश महल” करार दिया है। शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जो सरकार गरीबों, आदिवासियों और मूलवासियों की बात करती है, वह अब जनता की गाढ़ी कमाई से अपने लिए राजशाही सुख-सुविधाएं जुटाने में व्यस्त है।
दिल्ली के ‘शीश महल’ से की तुलना
प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन अब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की राह पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के नाम पर जो भव्यता तैयार की जा रही है, उसमें ₹2 करोड़ का फव्वारा (Fountain) और ₹2.5 करोड़ का बगीचा (Landscaped Garden) शामिल है। इसके अलावा स्विमिंग पूल, जकूजी और अन्य विलासितापूर्ण इंतजाम इस “शीश महल” का हिस्सा होंगे।
भाजपा के मुख्य आरोप:
भाजपा का दावा है कि इस परियोजना को पिछली कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई थी, लेकिन जानबूझकर कैबिनेट ब्रीफिंग में इसका खुलासा नहीं किया गया। मुख्य भवन की अनुमानित लागत ₹47 करोड़ है, लेकिन अन्य सुविधाओं को मिलाकर यह ₹70 करोड़ तक पहुंचती है। विभाग के पुराने रिकॉर्ड को देखें तो काम पूरा होने तक यह खर्च ₹100 करोड़ के पार जाना तय है। जब स्मार्ट सिटी क्षेत्र में पहले से ही नए राजभवन और मुख्यमंत्री आवास की योजना प्रस्तावित है, तो वर्तमान स्थान पर जनता के करोड़ों रुपये क्यों बर्बाद किए जा रहे हैं?
जनता के बीच जाएगा मुद्दा
प्रेस वार्ता में प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे। प्रतुल शाह देव ने स्पष्ट किया कि भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और पूछेगी कि राज्य के गरीबों का टैक्स मुख्यमंत्री की शाही जीवनशैली के लिए है या राज्य के विकास के लिए।