जमशेदपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भविष्य के डॉक्टरों में भरा जोश, राज्यपाल संतोष गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ ‘छात्रों के साथ संवाद’
जमशेदपुर: लौहनगरी के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा, जब भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC) में आयोजित ‘छात्रों के साथ संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर झारखंड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार भी उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने इस शैक्षणिक संवाद की गरिमा को और बढ़ा दिया।
सेवा और संवेदनशीलता का मंत्र
चिकित्सा जगत के भविष्य के सितारों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि डॉक्टरी केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा व्रत है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ अपने भीतर करुणा और सहानुभूति के भाव को भी जीवित रखें।
राष्ट्रपति ने विशेष रूप से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए शोध और नवाचार पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “युवा ही विकसित भारत के शिल्पकार हैं और डॉक्टरों के कंधों पर एक स्वस्थ राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है।”
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर राज्यपाल का जोर
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक उत्कृष्टता की सराहना की। उन्होंने राज्य में चिकित्सा बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और झारखंड को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा का केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे उच्च-स्तरीय संवादों से छात्रों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें देश के शीर्ष नेतृत्व से सीधे सीखने का अवसर मिलता है।
छात्रों के साथ आत्मीय ‘संवाद’
समारोह का मुख्य आकर्षण ‘संवाद’ सत्र रहा, जहाँ चयनित छात्रों को राष्ट्रपति से सीधे सवाल पूछने का दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ। छात्रों ने डिजिटल स्वास्थ्य, चिकित्सा के क्षेत्र में नई चुनौतियों और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर चर्चा की।
इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन ने राष्ट्रपति और राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति छात्रों के लिए जीवन भर की प्रेरणा बनेगी। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे और छात्रों ने राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी निष्ठा का संकल्प लिया।