CCTV टेंडर में बड़े घोटाले की तैयारी, बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को दी चेतावनी: “शराब घोटाले जैसे होंगे अंजाम”
रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य के सभी थानों में CCTV कैमरे लगाने के लिए जारी टेंडर में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री को लिखे एक तीखे पत्र में मरांडी ने दावा किया है कि JAP-IT द्वारा जारी टेंडर (संख्या: JAP-IT/CCTV/PS/01/2026) में सरकारी खरीद के नियमों और उच्च न्यायालय के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं।
मरांडी ने आरोप लगाया कि पारदर्शिता से बचने के लिए इस टेंडर को Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल पर न डालकर ‘झारखंड टेंडर्स’ पर प्रकाशित किया गया। उन्होंने दावा किया कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि नियमों के विरुद्ध शर्तें तय की जा सकें और किसी खास कंपनी को फायदा पहुँचाया जा सके। “नियमों को ताक पर रखकर ‘उत्पादों की खरीद’ के बजाय ‘सर्विस प्रोवाइडर’ शब्द का उपयोग किया गया है, ताकि टेंडर की शर्तों में हेरफेर की जा सके,” मरांडी ने पत्र में उल्लेख किया।
पत्र में प्रशासनिक अनियमितताओं का जिक्र करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JAP-IT के CEO ने विभागीय सचिव पूजा सिंघल के “मौखिक आदेशों” पर काम किया। टेंडर जारी होने के बाद अब गलतियों को छिपाने के लिए पिछली तारीखों से (Post-facto) विभागीय स्वीकृति ली जा रही है।
पत्र के मुख्य बिंदु:
मूल्यांकन में गड़बड़ी: टेंडर JAP-IT ने निकाला, लेकिन मूल्यांकन आईटी विभाग (IT Department) कर रहा है, जो नियमों के खिलाफ है।
कर्मचारियों को धमकी: आरोप है कि संविदा कर्मियों को नौकरी से निकालने की धमकी देकर फाइलों पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं।
दागी कंपनी को संरक्षण: मरांडी का दावा है कि यह काम उसी कंपनी को देने की तैयारी है जिसने रांची जेल में CCTV लगाए थे और जहां से महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज नष्ट होने की खबरें आई थीं।
“भ्रष्टाचार की लपटें आप तक पहुंचेंगी”
पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए मरांडी ने मुख्यमंत्री को आगाह किया कि जिस तरह उन्होंने ‘शराब घोटाले’ के समय चेतावनी दी थी और उसे अनसुना किया गया, वैसा ही इस मामले में भी हो रहा है। उन्होंने टेंडर को तत्काल रद्द करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने पत्र के अंत में कड़े लहजे में कहा, “आपके शासन में भ्रष्ट व्यक्तियों को ऊंचे पदों से नवाजा जा रहा है। यदि इसे नहीं रोका गया, तो भ्रष्टाचार की आंच एक बार फिर आप तक पहुंच सकती है।”