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अधिवक्ता मनोज टंडन से मिला भाजपा विधि प्रकोष्ठ का प्रतिनिधिमंडल

Ranchi: भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अधिवक्ता मनोज टंडन से मुलाक़ात कर घटना की जानकारी ली । श्रीवास्तव ने बताया की मामला चूँकि न्यायालय में विचाराधीन है इस करना इस घटना के बारे में कुछ बोलना उचित नहीं होगा हाँ यह सही है की झारखंड सहित पूरे भारत के लोग इस मामले के तह में जाना चाहते हैं और सच्चाई जानना चाहता है . न्यायालय में सी बी आई जांच हेतु याचिका दाखिल की गई है अब इंतज़ार रहेगा न्यायालय की फैसला का ।

वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज टंडन से जुड़ी यह “हिट-एंड-रन” (या बोनट कांड) की घटना 17 फरवरी 2026 को रांची के डोरंडा इलाके में हुई थी। यह मामला वर्तमान में झारखंड के कानूनी और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा में है।

रांची के राजेंद्र चौक के पास मनोज टंडन की मर्सिडीज कार और मवाज खान (एक टीसीएस कर्मचारी) की मोटरसाइकिल के बीच हल्की टक्कर हुई। इसके बाद दोनों पक्षों में मुआवजे को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। मवाज खान ने कार को रोकने के लिए उसके बोनट पर छलांग लगा दी। आरोप है कि मनोज टंडन ने कार नहीं रोकी और नवाज को बोनट पर लटकाए हुए ही करीब 2 किलोमीटर तक कार दौड़ाई। मवाज के परिजनों का आरोप है कि टंडन उसे घसीटते हुए अपने घर (डोरंडा) ले गए, जहाँ उनके सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने युवक के साथ मारपीट की।

मनोज टंडन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह एक “सुनियोजित षड्यंत्र” था। कुछ लोग जानबूझकर उनकी कार के सामने आए और पैसे की मांग (extortion) करने लगे। उन्होंने कार इसलिए नहीं रोकी क्योंकि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था और वे मॉब लिंचिंग से बचने के लिए वहां से भागे। उन्होंने युवक की पृष्ठभूमि (PFI से संभावित जुड़ाव) पर भी सवाल उठाए हैं।

डोरंडा थाने में दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस-एफआईआर दर्ज की गई है। 19 फरवरी 2026 को झारखंड उच्च न्यायालय ने इस मामले की पुलिस जांच और कार्यवाही पर तत्काल रोक (Stay) लगा दी है। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई (24 मार्च 2026) तक मनोज टंडन के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई (जैसे गिरफ्तारी) न की जाए। टंडन ने इस मामले को निष्पक्ष एजेंसी (CBI या NIA) को सौंपने की अपील की है, क्योंकि उन्हें राज्य पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है।

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