विशेष साक्षात्कार: विदेशी अनुभव और पिता की विरासत के साथ हरमू का नया चेहरा
वार्ड 26 (हरमू हाउसिंग कॉलोनी) से पार्षद पद के प्रत्याशी प्रमोद कुमार राय
news7air.com: प्रमोद जी, आप इसी कॉलोनी में पले-बढ़े हैं, लेकिन आपने 15 साल विदेश में गुजारे हैं। अचानक राजनीति में आने का विचार कैसे आया?
प्रमोद कुमार राय: देखिए, हरमू मेरी जन्मभूमि है। 15 साल विदेशों में रहने के दौरान मैंने वहां की नागरिक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बहुत करीब से देखा। हमेशा मन में एक ही बात रहती थी कि मेरा अपना हरमू ऐसा क्यों नहीं हो सकता? जब मेरे पिता स्व. राजेंद्र राय जी का साया सर से उठा, तो मैंने महसूस किया कि उनके द्वारा कमाए गए सम्मान और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाना मेरा कर्तव्य है। मैं यहाँ अपनी मिट्टी का कर्ज चुकाने आया हूँ।
news7air.com: आपके पिता जी का समाज में बड़ा नाम था। एक शांत और संकोची स्वभाव के व्यक्ति होने के नाते, आप उनकी उस विरासत को कैसे आगे बढ़ाएंगे?
प्रमोद कुमार राय: स्वभाव से शांत होना मेरी कमजोरी नहीं, बल्कि मेरी ईमानदारी की पहचान है। मैं शोर मचाने में नहीं, काम करने में विश्वास रखता हूँ। मेरी ‘कमिटमेंट पावर’ बहुत मजबूत है। पिता जी ने सिखाया था कि जनता का काम ही सबसे बड़ी सेवा है। मैं उसी सेवा भाव और अपनी कर्मठता से हरमू को एक ‘आदर्श वार्ड’ बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा हूँ।
news7air.com: आप एक आध्यात्मिक व्यक्ति हैं और आपने कई दुर्गम तीर्थ स्थलों की यात्रा की है। क्या यह आध्यात्मिकता आपके काम करने के तरीके को भी प्रभावित करेगी?
प्रमोद कुमार राय: बिल्कुल। आध्यात्मिकता हमें अनुशासन और पारदर्शिता सिखाती है। ऊँचे पर्वतों और तीर्थों की यात्रा ने मुझे धैर्य और कठिन परिस्थितियों में डटे रहना सिखाया है। मैं वार्ड की राजनीति में भी इसी पवित्रता और सेवा भाव को लाना चाहता हूँ।
news7air.com: आपका चुनाव चिन्ह ‘बल्ला’ (Bat) है। इसके जरिए आप वार्ड की जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं?
प्रमोद कुमार राय: ‘बल्ला’ प्रगति और प्रहार का प्रतीक है—विकास के लिए प्रगति और समस्याओं पर प्रहार। जिस तरह एक खिलाड़ी मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है, उसी तरह मैं भी वार्ड 26 के विकास के लिए जी-जान लगा दूंगा। 23 फरवरी को जनता इस बल्ले से विकास का छक्का लगाएगी।
news7air.com: हरमू की जनता के लिए आपका सबसे प्रमुख विजन क्या है?
प्रमोद कुमार राय: मेरा विजन स्पष्ट है—”विदेशी अनुभव, स्थानीय विकास”। मैं हरमू की सड़कों, ड्रेनेज सिस्टम और साफ-सफाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना चाहता हूँ ताकि हमारे वार्ड की पहचान पूरे रांची में एक मॉडल वार्ड के रूप में हो।