रांची: राज्य में निकाय चुनाव के बीच अधिकारियों के फेरबदल को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक प्रतिनिधिमंडल आज राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचा और सरकार द्वारा किए गए IAS अधिकारियों के तबादले के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
“आयोग से ऊपर खुद को समझ रही सरकार”
ज्ञापन सौंपने के बाद सुधीर श्रीवास्तव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सरकार बार-बार यह साबित करने की कोशिश कर रही है कि वह राज्य निर्वाचन आयोग से ऊपर है। सरकार को आदर्श चुनाव आचार संहिता (MCC) की कोई परवाह नहीं है। अगर ये तबादले मतदान या परिणाम के बाद होते, तो कोई भूचाल नहीं आ जाता। लेकिन सरकार ने यह कदम उठाकर अपनी तानाशाही दिखाई है।”
शिकायत के मुख्य बिंदु:
अनुमति का अभाव: भाजपा का आरोप है कि तबादले से पहले सरकार ने आयोग से अनुमति लेना तो दूर, उन्हें सूचित करना भी जरूरी नहीं समझा।
नियमों की अनदेखी: प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि आचार संहिता केवल आम जनता के लिए नहीं, बल्कि हर विभाग और स्वयं सरकार के लिए भी अनिवार्य है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग: भाजपा ने आयोग को तबादलों की पूरी सूची सौंपी है। पार्टी ने मांग की है कि जिस अधिकारी के हस्ताक्षर से यह नोटिफिकेशन जारी हुआ और जिनके आदेश पर इसे तैयार किया गया, उन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस प्रतिनिधिमंडल में अनिल कुमार सिंह और अमन यादव भी मुख्य रूप से शामिल थे। अब सबकी नजरें राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले पर टिकी हैं कि क्या वह इन तबादलों पर रोक लगाएगा या संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा।