रियाद में गूँजा ‘वंदे मातरम’: केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने प्रवासी भारतीयों और पूर्व सैनिकों के साथ साझा किया ‘विकसित भारत 2047’ का विजन
रियाद (सऊदी अरब): केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने अपनी सऊदी अरब यात्रा के दौरान रियाद में प्रवासी भारतीय समुदाय और भारतीय सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों के साथ एक अत्यंत भावुक और गौरवशाली संवाद किया। ‘वर्ल्ड डिफेंस शो 2026’ में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे मंत्री सेठ ने इस दौरान भारत की बढ़ती वैश्विक साख और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साझा किया।
प्रवासी भारतीय: भारत के वैश्विक राजदूत
प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए श्री संजय सेठ ने कहा कि दुनिया के हर कोने में रहने वाले भारतीय परिवार हमारे देश के ‘ब्रांड एंबेसडर’ हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज वैश्विक मंच पर भारत का सम्मान बढ़ा है, जिससे हर प्रवासी भारतीय का सिर गर्व से ऊँचा हुआ है।” उन्होंने प्रवासी परिवारों से अपील की कि वे सऊदी अरब की प्रगति के साथ-साथ अपनी मातृभूमि भारत और विशेषकर झारखंड के विकास में भी अपना योगदान दें।
पूर्व सैनिकों का सम्मान और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
मंत्री सेठ के लिए यह एक विशेष अवसर था जब उन्होंने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों से मुलाकात की। उन्होंने उनके अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण की सराहना की। संवाद के दौरान उन्होंने रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत भारत की बढ़ती ताकत और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण की दिशा में की जा रही ऐतिहासिक प्रगति के बारे में भी जानकारी दी।
वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर भावुक प्रस्तुति
सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास में ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ऊर्जा का मंत्र: श्री सेठ ने वंदे मातरम को ऊर्जा, उत्साह और एकता का मंत्र बताते हुए कहा कि यह गीत दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले भारतीय को अपनी मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करता है।
भावुक क्षण: दूतावास में वंदे मातरम की प्रस्तुति ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। मंत्री ने कहा कि यह प्रस्तुति इस बात का प्रतीक है कि हर भारतीय के दिल में अपनी मातृभूमि के प्रति अटूट श्रद्धा है।
रणनीतिक महत्व
अपनी यात्रा के दौरान श्री संजय सेठ ने वर्ल्ड डिफेंस शो में ‘इंडिया पवेलियन’ का उद्घाटन भी किया, जहाँ भारत की प्रमुख रक्षा कंपनियों (जैसे BEL, BDL और AVNL) ने अपनी ताकत दिखाई। यह यात्रा न केवल प्रवासी भारतीयों से जुड़ने का माध्यम बनी, बल्कि भारत और सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग को भी नई ऊंचाइयों पर ले गई।