राँची: गणतंत्र दिवस के 77वें पावन अवसर पर आज झारखंड पुलिस मुख्यालय के प्रांगण में देशभक्ति और गर्व का अनूठा संगम देखने को मिला। राज्य की पहली महिला पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर तिरंगे को सलामी दी। यह झारखंड पुलिस के इतिहास में एक मील का पत्थर है, जहाँ एक महिला नेतृत्व के हाथों में राज्य की सुरक्षा की बागडोर है।
नक्सलवाद और अपराध पर कड़ा प्रहार
संबोधन के दौरान DGP तदाशा मिश्रा ने राज्य की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने नक्सली गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियानों का ज़िक्र करते हुए कहा कि राज्य पुलिस की मुस्तैदी के कारण सैकड़ों नक्सलियों को निशाना बनाया गया है। पुलिस की बढ़ती दबिश के चलते न केवल बड़ी संख्या में नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है, बल्कि कई भटके हुए लोग आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापस लौट रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुठभेड़ के दौरान कई दुर्दांत नक्सलियों का खात्मा कर सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है।
संगठित अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने का संकल्प दोहराते हुए DGP ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) द्वारा चलाए गए विशेष अभियानों में कई कुख्यात अपराधियों और प्रतिबंधित संगठनों के सक्रिय सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है।
वीरता और सेवा का सम्मान
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों और जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें निष्ठापूर्वक कर्तव्य पालन की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस राज्य की जनता की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली किसी भी ताकत को बख्शा नहीं जाएगा।
इस गरिमामयी समारोह में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी पहली महिला DGP के नेतृत्व में सुरक्षित झारखंड का संकल्प लिया।
