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भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर: पीएम की विदेश यात्रा पर चुप, मुख्यमंत्री पर सवाल— विनोद पांडेय

Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को पहले अपने दोहरे मापदंडों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विदेश यात्राएं करते हैं, तब भाजपा उसे देश का गौरव और कूटनीति की सफलता बताती है, लेकिन वही बात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामले में उन्हें गलत नजर आने लगती है।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा पूरी तरह राज्यहित में है, जिसका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और झारखंड को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है। इसे भाजपा द्वारा जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणतंत्र दिवस का आयोजन पूरे सम्मान और संवैधानिक मर्यादा के साथ किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर कभी सवाल क्यों नहीं उठते। अगर विदेश जाना गलत है, तो यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। झामुमो महासचिव ने कहा कि भाजपा के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह अनावश्यक बयानबाजी कर रही है।

उन्होंने दोहराया कि हेमंत सोरेन सरकार आदिवासी हित, सामाजिक न्याय, कानून-व्यवस्था और रोजगार सृजन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनता भाजपा की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब भी देगी।

लंदन शॉपिंग सेशन केलिए गणतंत्र दिवस पर्व भी छोड़ने को तैयार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन: बाबूलाल मरांडी

श्री मरांडी ने कहा कि एक बैठक का एंट्री कार्ड मिलने पर फूले नहीं समाने वाले हेमंत सोरेन जी, कभी झारखंड की दुर्दशा पर शर्म भी कर लीजिए।

कहा कि मुख्यमंत्री की नाकामी और निकम्मेपन की कीमत झारखंड रोज़ चुका रहा है। राज्य को हर दिन नए ज़ख्म मिल रहे हैं, लेकिन हेमंत जी को सिर्फ़ व्हाइट बैज और मंहगे कोट-मफलर वाले फोटो सेशन की चिंता है।

कहा कि सुना है अब “लंदन शापिंग सेशन” के लिये यात्रा एक्सटेंड कर इस बार गणतंत्र दिवस महापर्व से भी दूरी बना लेने की तैयारी हो रही है।

कहा कि जमशेदपुर से अपहृत व्यवसायी का अब तक कोई सुराग नहीं है। सोमा मुंडा के हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। युवा नौकरी और रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। बालू, पत्थर, कोयला जैसे खनिजों की लूट मची हुई है।

कहा कि पहले शराब घोटाला और अब घोटाले की जॉंच में घोटाला। आदिवासियों के जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। हर ओर अराजकता का मंजर है।

कहा कि सरस्वती पूजा के दिन बोकारो के एक स्कूल परिसर में आगजनी के कारण धू-धू कर जलती तीन स्कूल बसों को देखिए और आत्मचिंतन करिए कि आपकी प्राथमिकता क्या है…झारखंड की ध्वस्त कानून व्यवस्था की नैतिक जिम्मेवारी लेना या आत्ममुग्धता से ग्रस्त होना?

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