रांची: अल्बर्ट एक्का चौक पर आज उन्नाव सर्वाइवर के बलात्कारी भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के बेल और उत्तराखंड की अंकिता भंडारी के अपराधी को बचाने का विरोध करते हुए कई संगठनों की महिलाओं , छात्र, और सामाजिक कार्यकर्ताओ ने प्रदर्शन किया ।
महिलाओं का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को जमानत देकर महिलाओं को बहुत बड़ा आघात पहुंचाया है। महिलाओं का न्यायालय पर से भरोसा तोड़ा है। जब से भाजपा सरकार आई है तब से महिलाओं का शोषण और बलात्कार जैसी घटनाएं बढ़ गए है। और तो और बलात्कारियों को सजा के समय से पहले रिहा कर देना, उनको फूलों का माला पहनाना और पीड़िता के साथ बर्बरता और हिंसात्मक व्यवहार करना तथा परिवार और वकील की योजनात्मक तरीके से हत्या करवाना बहुत ही निंदनीय है।
भाजपा हमेशा से अपराधियों को सुरक्षा देती है और बेटियों को संघर्ष करने और इन अपराधियों के हाथों हत्या का शिकार बनने को मजबूर कर देती है। हमारे पास ऐसे कई उदाहरण है, राम रहीम, आशाराम, बिल्किस बानो के बलात्कारी लोग, हाथरस बलात्कारी ये सब जेल से बाहर हो गए और अभी कुलदीप सेंगर को जिस तरह से बेल दिया गया वो पोक्सो एक्ट (POCSO Act) का उल्लंघन करते हुए अपराधी को संरक्षण देना हुआ और पीड़िता को न्याय देना नहीं।
इस बलात्कार की संस्कृति को बढ़ावा देने वाली महिला विरोधी सरकार और पंगु न्याय व्यवस्था के खिलाफ़ अब और ये बेटियां चुप नहीं रहेगी ये इस पितृसत्ता और मनुवादी विचारधारा सरकार को समाप्त करेगी।
इस साल की शुरुआत से लेकर इस साल के अंत तक लगातार उच्च न्यायालयों ने महिला विरोधी फैसले दिए हैं, ये न्यायालयों का रवैया विल्किस बानो के बलात्कारियों को छोड़ने से चला आ रहा है, अगर हर पीड़िता को सर्वोच्च न्यायालय से ही न्याय की उम्मीद रखनी होगी तो फिर बाकी न्यायालय किसके लिए काम कर रही है, भाजपा सरकार न्यायपालिका का इस्तेमाल कर मनुवाद को थोपना चाह रही हैं।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से एलिना होरो, नंदिता भट्टाचार्य, सलोमी कच्छप, आलोका कुजूर, सेसिलिया लकड़ा, लीना पदम ,कनक, ऊषा, संगीता ,शांति सोरेन, सुशासनी महली, शांति सेन, टॉम कावला, शैलेश, नसीम, तारामणि साहू , ऐती तिर्की, सपना गाड़ी, सुषमा गाड़ी सूमी उरांव, गीता तिर्की, अंशु गाड़ी, मेवा लकड़ा, विजय, निखिल, सत्यप्रकाश, आलोक कुजूर, कंचन उरांव, रोज मधु एक्का, सुशीला तिग्गा, संगीता , सोनाली केवट,प्रियंका, आकांक्षा सहित कई साथी शामिल हुए और अपने विचार प्रकट किया।