रांची: झारखंड के बोकारो और हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में वेतन मद से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद राज्य का वित्त विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने राज्य के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को पत्र लिखकर भविष्य में ऐसी किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
करोड़ों की चपत का खुलासावित्त विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, पुलिस अधीक्षक बोकारो के कार्यालय से मई 2024 से दिसंबर 2025 के बीच कुल 3,15,33,993 रुपये की अवैध निकासी की गई है। इतना ही नहीं, जब वित्त विभाग ने डेटाबेस की गहन समीक्षा की, तो हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पिछले आठ वर्षों के दौरान 15,41,41,485 रुपये की भारी-भरकम अवैध निकासी का पता चला। कुल मिलाकर इन दो जिलों से ही लगभग 18.5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि नियम विरुद्ध निकाली गई है।निकासी से पूर्व सावधानी के निर्देशइस वित्तीय अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए वित्त सचिव ने सभी कोषागार (Treasury) और उप-कोषागार पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वेतन विपत्रों (Salary Bills) की निकासी से पहले आवश्यक सावधानी और सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
विभाग ने दिए ये प्रमुख निर्देश:
डाटाबेस की नियमित समीक्षा: सभी आहरण एवं संवितरण पदाधिकारी (DDO) अपने कार्यालय के वेतन डेटाबेस का नियमित मिलान करेंगे।
सत्यापन प्रक्रिया: किसी भी नए कर्मचारी का नाम जोड़ने या वेतन वृद्धि से पहले संबंधित दस्तावेजों की कड़ी जांच अनिवार्य होगी।
जवाबदेही तय: अवैध निकासी के मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।इस खुलासे के बाद राज्य के अन्य विभागों में भी वेतन मदों की जांच तेज होने की संभावना है। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी खजाने की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।