बोकारो में सरकारी खजाने पर डाका
अकाउंटेंट ने वेतन मद से उड़ाए ₹4.29 करोड़, पत्नी के खाते में भेजी रकम
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में सरकारी धन के गबन का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पुलिस विभाग के एक शातिर अकाउंटेंट ने सिस्टम में सेंध लगाकर ट्रेजरी (कोषागार) से करीब ₹4.29 करोड़ की फर्जी निकासी कर ली। पुलिस ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
25 महीनों तक चलता रहा ‘खेल’पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा किए गए खुलासे के मुताबिक, यह फर्जीवाड़ा पिछले 25 महीनों से लगातार चल रहा था। आरोपी अकाउंटेंट ने एक हवलदार के नाम का सहारा लेकर कुल ₹4,29,71,000 की अवैध निकासी की। ताज्जुब की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम टुकड़ों में निकाली जाती रही और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पोर्टल से छेड़छाड़ और पत्नी का बैंक खाताजांच में यह बात सामने आई है कि कौशल कुमार पाण्डे ने ट्रेजरी पोर्टल के डेटा के साथ चालाकी से छेड़छाड़ की थी। उसने सरकारी रिकॉर्ड में जन्म तिथि और बैंक खाता संख्या बदल दी थी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि उसने गबन की गई पूरी राशि अपनी पत्नी अनु पाण्डेय के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी थी।
एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कोई सामान्य गलती नहीं बल्कि एक सुनियोजित घोटाला है। वेतन मद (Salary Head) के नाम पर बार-बार बड़ी रकम निकाली गई। अब पुलिस की जांच इस बिंदु पर टिकी है कि क्या इस खेल में ट्रेजरी विभाग या पुलिस विभाग के कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। विभागीय समन्वय में हुई लापरवाही या जानबूझकर की गई अनदेखी की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी अकाउंटेंट को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उसकी पत्नी के खातों की भी जांच की जा रही है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन की हेराफेरी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले के सामने आने के बाद अब जिले के अन्य विभागों के वित्तीय लेन-देन पर भी सवाल उठने लगे हैं।