Ranchi: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड में आज जो स्थिति बनी है, वह कांग्रेस और झामुमो की दोहरी राजनीति का जीता-जागता उदाहरण है। एक तरफ कांग्रेस सत्ता का सुख भोग रही है, मंत्री पदों का आनंद ले रही है, और दूसरी तरफ उसी सरकार की कानून-व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक विफलताओं पर सवाल खड़े कर रही है।
प्रतुल ने कहा कि आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के प्रभारी के राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि राज्य की पुलिस व्यवस्था निष्क्रिय है, विधि व्यवस्था चौपट हो गई है, बेटियों की सुरक्षा खतरे में है, शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है, बच्चे प्राइवेट स्कूल में दाखिला ले रहे हैं। तो फिर कांग्रेस अब तक सत्ता में क्यों बनी हुई है? क्या केवल कुर्सी बचाना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है?प्रतुल ने कहा एक हफ्ते तक विष्णुगढ़ की निर्भया की बर्बर हत्या पर चुप्पी रखने के बाद कांग्रेस की अब नींद टूटी है।वह भी तब जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व भाजपा के प्रतिनिधि मंडल पीड़ित परिवार से मिलकर आंसू पूछने का काम किया और सहायता राशि उपलब्ध कराई। इस घटना के विरोध में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 3 अप्रैल को झारखंड बंद का आह्वान किया है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने तो मुख्यमंत्री पर सीधा आक्रमण करते हुए उनके अंतर्गत माइनिंग विभाग पर माइनिंग माफिया का कब्जा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून,2013 के अंतर्गत भूमि का अधिग्रहण माफिया के दबाव में नहीं हो रहा।यानी कांग्रेस के प्रभारी के अनुसार मुख्यमंत्री जी का मंत्रालय माइनिंग माफिया के दबाव में चल रहा है। के राजू ने कहा कि सभी डीसी, एसपी, इसी माइनिंग माफिया के दबाव में काम कर रहे हैं।प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री पर इस सीधे हमले के बाद भी कांग्रेस इन माइनिंग माफिया के खिलाफ कोई आंदोलन करती नहीं दिख रही। बल्कि आंदोलन करने वाले अपने नेताओं के खिलाफ सरकार से मुकदमे दाखिल करवा रही है।
प्रतुल ने झामुमो पर भी तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब खुद झामुमो के नेता कांग्रेस को “जहरीला सांप” बता रहे हैं, तो फिर सवाल उठता है कि आखिर उसी सांप को गले में लपेटकर सत्ता की कुर्सी क्यों बचाई जा रही है? यह गठबंधन पूरी तरह अवसरवाद और स्वार्थ पर आधारित है, जिसका खामियाजा झारखंड की जनता भुगत रही है।उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जनता इस ढोंग और दोहरे चरित्र को समझे और ऐसी अवसरवादी राजनीति को पूरी तरह नकार दे, जो केवल सत्ता के लिए सिद्धांतों को बेच देती है।