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असम चुनाव के लिए हेमन्त सोरेन ने फूँका चुनावी शंखनाद: डिब्रूगढ़ में झामुमो कार्यकर्ताओं को दिया ‘जीत का मंत्र’

डिब्रूगढ़/रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने झारखंड की सीमाओं से बाहर विस्तार करते हुए असम विधानसभा चुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है। सोमवार को असम के डिब्रूगढ़ में झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक संपन्न हुई, जिसमें आगामी चुनावों के लिए पार्टी के अभियान का औपचारिक आगाज किया गया।

कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए हेमन्त सोरेन ने स्पष्ट किया कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं है। उन्होंने कहा, “यह चुनाव सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय अस्मिता को सशक्त करने का एक ऐतिहासिक अवसर है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं को ‘जीत का मंत्र’ देते हुए पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया।

आदिवासी और वंचित वर्गों पर फोकस

इस बैठक का मुख्य केंद्र असम के आदिवासी, शोषित और वंचित समाज बहुल क्षेत्र रहे। मुख्यमंत्री ने इन क्षेत्रों में जमीनी पकड़ मजबूत करने के लिए क्षेत्रवार रणनीतिक योजना और जनसंपर्क कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की। उन्होंने दोहराया कि झामुमो की विचारधारा हमेशा से क्षेत्रीय पहचान की रक्षा करने वाली रही है और यही असम में भी पार्टी का मुख्य आधार बनेगी।

रणनीतिक रोडमैप तैयार

बैठक में मंत्री चमरा लिंडा सहित संगठन के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। वरिष्ठ नेताओं ने जमीनी स्तर पर कार्य करने के लिए एक विस्तृत ‘रोडमैप’ प्रस्तुत किया। बैठक के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ चुनाव लड़ने का सामूहिक संकल्प लिया।
असम के चाय बागान क्षेत्रों और जनजातीय आबादी के बीच पैठ बनाने की झामुमो की यह कोशिश पूर्वोत्तर भारत में पार्टी के बढ़ते प्रभाव का संकेत दे रही है।

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